उमेशचंद्र बैनर्जी का जीवन परिचय हिन्दी में
कांग्रेस के सर्वप्रथम सभापतित्व का गौरव जिन्हें प्राप्त हुआ वह उमेशचन्द्र बनर्जी अपने समय के एक विशिष्ठ पुरुष थे। आपका व्यक्तित्व विलक्षण था। दिसम्बर 1844 में खिदिरपुर ( बंगाल ) में उमेशचंद्र बैनर्जी का जन्म हुआ और 26 जुलाई 1906 को इंग्लैंड में देहावसान। स्वदेश विदेश का यह सम्मिश्रण न केवल आपके जन्म-मरण मे बल्कि सारे जीवन क्रम मे मिलता है। उमेशचंद्र बैनर्जी का जीवन परिचय हिन्दी में जिस कुटुम्ब मे उमेशचंद्र बैनर्जी का जन्म हुआ उसे वकीलो का घराना कहा जा सकता हैं। उमेशचंद्र बैनर्जी के न केवल पिता किन्तु पितामह बाबू पीताम्बर बैनर्जी भी एटर्नी थे। उमेश बाबू अपने पिता बाबू गिरीशचन्द्र बनर्जी के द्वितीय पृत्र थे। ओरियएंटल समिनरी ओर हिन्दू स्कूल में आपकी पढ़ाई हुई लेकिन 17 वर्ष की उम्र होते-होते जब मैट्रिक की परीक्षा निकट आई तो पिता ने स्कूल छुड़ा दिया। स्कूल छुड़ाकर आप डब्लू० पी० डाउनिंग नामक एटर्नी के यहां कलर्क रखे गये। वहां आप एक साल से अधिक नहीं रहे और डब्लू० एफ० गैलेणडर्स के यहां चले गये जहां दस्तावेज और दलील तैयार करने मे काफ़ी प्रवीणता प्राप्त की। उसके बाद 1864 में ...