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Charminar history in hindi- चारमीनार का इतिहास

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प्रिय पाठकों पिछली पोस्ट में हमने दिल्ली के प्रसिद्ध स्थल स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर के बारे में जाना और उसकी सैर की थी। इस पोस्ट में हम आपको तेलंगाना राज्य के प्रसिद्ध शहर हेदराबाद ले चलेंगे। हेदराबाद शहर किस लिए प्रसिद्ध है यह तो आप सभी अच्छी तरह जानते होगें। हेदराबाद शहर वहाँ स्थित चारमीनार के लिए जाना जाता है। तो इस पोस्ट में हम हेदराबाद में स्थित चारमीनार( charminar history in hindi ) मस्जिद स्मारक की सैर करेगें और जानेगें कि:- चारमीनार को किसने बनवाया चारमीनार का निर्माण क्यों किया गया चारमीनार का निर्माण कब हुआ चारमीनार की कहानी चारमीनार को बनाने में किस मटेरियल का प्रयोग किया गया चारमीनार का इतिहास चारमीनार किस वास्तुशैली में बनाया गया है चारमीनार की ऊचाँई क्या है Charminar history in hindi दिल्ली लाल किले का इतिहास जामा मस्जिद दिल्ली का इतिहास कुतुबमीनार का इतिहास Charminar चारमीनार कहा स्थित है यह इमारत भारत के तेलंगाना राज्य के प्रसिद्ध शहर हेदराबाद में स्थित है। इस इमारत का निर्माण मुसी नदी के पूर्वी तट पर किया गया है। चारमीनार के निर्माण के बाद उसके चारों ओर हेदराबाद शहर ...

हैदराबाद का इतिहास और दर्शनीय स्थल

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तेलंगाना  की राजधानी हैदराबाद मूसी नदी पर स्थित है, यह शहर एक ऐतिहासिक और प्रचीन शहर है। हैदराबाद मौर्य काल से भी पुराना शहर है। चंद्रगुप्त मौर्य ने 305 ई०पू० के शीघ्र बाद इस पर विजय प्राप्त की थी। सातवाहन राजा शातकर्णी ने इसे अपनी राजधानी बनाया था। उसके बाद उसके वंशजों गौतमी पुत्र शातकर्णी (106-30 ई०), वशिष्ठपुत्र (130-45 ई०), यज्ञश्री शातकर्णी (165-95 ई०) और अन्यों ने 225 ई० तक यहाँ से राज्य किया। राष्ट्रकूट राजा कृष्ण प्रथम (758-73) के लड़के गोविंद ने वेंगी के चालुक्य राजा विष्णुवर्धन चतुर्थ को हराकर हैदराबाद राज्य के सारे क्षेत्रों को अपने राज्य में मिला लिया था।     हैदराबाद का इतिहास हिन्दी में   औरंगजेब की सेनाओं ने इसे 1685 ई० में अपने कब्जे में कर लिया और यहाँ लूट-पाट मचाई। मुगल शासक मुहम्मद शाह ने निजाम-उल-मुल्क मीर कमरुददीन को 1713 में यहाँ छह सूबों का सूबेदार बनाया था। 1715 में उसे दिल्‍ली वापस बुला लिया गया। उसके बाद उसे मुरादाबाद, पटना और उज्जैन का सूबेदार बनाया गया। 1719 में उसे फिर वापस बुला लिया गया और उसे अकबराबाद, इलाहाबाद, मुल्तान तथा बुरहानपुर मे...

वारंगल का इतिहास और वारंगल के पर्यटन स्थल

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वारंगल (warangal)  तेलंगाना राज्य का एक प्रमुख शहर है, वारंगल एक जिला मुख्यालय और ऐतिहासिक शहर है। यह शहर यहां स्थित ऐतिहासिक वारंगल का किला के लिए भी जाना जाता है, बड़ी संख्या में इतिहास में रूची रखने वाले पर्यटक इसकी ओर आकर्षित होते हैं, अपने इस लेख में हम इस ऐतिहासिक शहर वारंगल का इतिहास और वारंगल के पर्यटन स्थलों के बारे में विस्तार पूर्वक जानेंगे।     वारंगल का इतिहास   मध्य काल में वारंगल एक हिंदू शहर हुआ करता था तथा इसका बहमनी राज्य और दिल्‍ली सल्तनत से झगड़ा होता रहता था। यहाँ काकतीय वंश का शासन हुआ करता था। इस वंश का पहला राजा बेत प्रथम था। उसने कल्याणी के चालुक्य राजा सोमेश्वर प्रथम (1042-68) के आधिपत्य में अपने राज्य की नींव डाली। सोमेश्वर प्रथम ने उसके उत्तरा- धिकारी प्रोल प्रथम और बेत द्वितीय को कुछ जिले और दे दिए, परंतु उनका उत्तराधिकारी चालुक्य राजा विक्रमादित्य षष्ठ (1076-1126) के काल में 1115 ई० में स्वतंत्र हो गया। उसने तेलंगाना और आंध्र के प्रदेश जीत लिए। उसने चालुक्य राजा तैलप तृतीय को बंदी बना लिया। उसके पुत्र प्रताप रूद्रदेव प्रथम (1168-99) ने ...