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नेपाल के पर्यटन स्थल - nepal tourist place information in hindi

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हिमालय के नजदीक बसा छोटा सा देश नेंपाल। पूरी दुनिया में प्राकति के रूप में अग्रणी स्थान रखता है । सैर सपाटे के लिए दुनियाभर के सैलानियों की यह प्रमुख पसंद है । खुबसूरत फिजाएँ अनगिनत चमकती पर्वत श्रृंखलाएं हरे भरे जंगल झीलें नदियाँ झरनों से सजीधजी हरियाली बरबस ही पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है । ऐसा लगता है कि कुदरत यहाँ हर शय पर महरबान है । जिससे यहाँ के मनमोहक नजारे हर किसी का मन मौह लेते है नेपाल का प्राकृतिक सौंदर्य यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य की बात करें तो कुदरती खुबसूरती का ऐसा नजारा यहाँ देखने को मिलता है कि निहारते ही दिल तरोताजा महसूस  करने लगता है । प्राकति के सौंदर्य से भरे नेपाल में मंदिरों, स्तूपों पैगोडा ओर आस्था के कई अन्य स्थानों के अलावा ऐतिहासिक इमारतें भी है नेपाल में ही दुनिया की सबसे उंची चोटी ( माउंट एवरेस्ट) हिमालय पर्वत की चोटी जिसकी उंचाई 8848 मीटर यही पर है । जिसके साथ अद्भुत ओर रोमांचकारी बर्फ से ढकी पर्वत श्रृंखलाएं है । दुनियां के दस सबसे उंचे पर्वतों में से आठ नेपाल में ही है । एवरेस्ट के अलावा कंचनजंघा, लोहोल्स, नकालू ,चून्ओपू, धौलागिरी , मान्सलू , और ...

गणतंत्र दिवस परेड

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गणतंत्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है । अगर पर्यटन की नज़र से देखें तो यह भी एक बहतरीन व्यू प्वाइंट हैं । इस दिन देश विदेश के कोने कोने से हजारों पर्यटक इस भव्य समारोह की परेड़ देखने भारत की राजधानी दिल्ली पहुँचते है । यू तो यह समारोह हर राज्य की राजधानी में मनाया जाता है  तथा छोटे- छोटे स्तर पर प्रत्येक स्कूल व सरकारी दफ्तरों में भी मनाया जाता है । किन्तु देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित इस समारोह की बात ही कुछ अलग है । गणतंत्र दिवस इतिहास एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इस संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था । 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ( आई ० एन० सी) ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था । यह भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाश में से एक है । अन्य दो स्वतंत्रता दिवस और गांधी जयंती है । सन् 1929 के दिसम्बर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पं...

पतंजलि योग पीठ - patanjali yog peeth - योग जनक

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हरिद्वार जिले के बहादराबाद में स्थित भारत का सबसे बड़ा योग शिक्षा संस्थान है । इसकी स्थापना स्वामी रामदेव द्वारा योग का अधिकाधिक प्रचार करने एंव इसे सर्वसुलभ बनाने के उद्देश्य से किया है । आज पतंजलि योग पीठ विश्व भर में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है। तथा बाबा स्वामी रामदेव जी महाराज आज विश्व भर में योग गुरू के रूप प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके है । पतंजलि योग पीठ पतंजलि योग पीठ में योग शिक्षा व आयुर्वैदिक  स्वास्थ्य लाभ के साथ साथ भ्रमण का भी लुफ्त उठाया जा सकता है । हरिद्वार तीर्थ यात्रा पर आने वाले अधिकतर पर्यटक यहाँ योग प्रशिक्षण  भ्रमण तथा स्वास्थ्य लाभ के उद्देश्य से जरूर आते है। यहाँ की भव्य इमारत खुबसूरत बगीचे योग प्रशिक्षण केंद्र तथा अनुसंधान केन्द्र देखने योग्य है। पतंजलि योग पीठ दो भागों में स्थित है । फैस वन और फैस टू। रामानंदी संप्रदाय के संस्थापक, पीठ, नियम व इतिहास पतंजलि योग पीठ पतंजलि योग पीठ फेस 1 योग पीठ फेस 1 के मुख्य द्वार में प्रवेश  करते ही खुबसुरत गार्डन में योग सूत्र के रचनाकार महर्षि पतज्जली शल्य चिकित्सा के जनक महर्षि सुश्रुत तथा चरक संहिता के रचनाकार ...

ट्रैवल पैकेज लेने से पहले क्या करे ?

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प्रिय पाठको जब हम छूट्टियो मे घूमने का प्लान रहे है। तो कोई भी ट्रैवल पैकेज लेने से पहले अगर हम कुछ खास बातो का ध्यान रखें या कुछ सावधानियाँ बरते तो एक अच्छा और सस्ता पैकेज पा सकते है। कोई भी पैकेज लेने से पहले हमारे मन में कुछ धुविधाए रहती है। जैसे -: अच्छा ट्रेवलस पैकेज कैसे ले, सस्ता ट्रेवल पैकेज कैसे ले, कौन सी ट्रैवल ऐजेसी अच्छी है। ट्रैवल ऐजेंसी की सेवाए कैसी है। ट्रैवल ऐजेंसी फेक तो नही है। अगर इनमे से एक भी कमी रह जाती है। तो हमारा सारा टूर का मजा खराब हो जाता है। अगर हम ट्रैवल पैकेज लेने से पहले कुछ खास बातो का ध्यान रखे तो हमारा टूर का आनंद ही कुछ और होता है। ट्रैवल पैकेज लेने के टिप्स How to planning buy travels package – how to buy cheaper travel package ट्रैवल पैकेज लेने से पहले ध्यान देने योग्य बाते :- दोस्तो अच्छा पैकेज पाने के लिए ट्रैवलिंग की विभिन्न साइटो को देखे। अच्छे डिस्काउंट या अॉफर के बारे में जानने के लिए कम से कम 2-3 साइट पर खुद को रजिस्टर करें। ये आपको ई-मेल के जरिए सभी सूचनाए खुद देगें। एक ही जगह के लिए ट्रैवल ऐजेंसियों के पैकेज अलग अलग हो सकते है। इन स...

कम खर्च मे विदेश यात्रा कैसे करे

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प्रिय पाठको विदेश घूमने जाने का मन किसका नही करता है। हर कोई विदेश यात्रा टूर आदि पर जाने की चाहत रखता है। अक्सर यह चाहत बस पैसे वालो की ही पूरी होती है। क्योकि विदेशी ट्रैवल पर आने वाला खर्च अधिक होता है। जिसके कारण कुछ लोगो का विदेश घुमने का सपना सपना ही रह जाता है। अगर आप कुछ सावधानिया और कुछ खास बातो का ख्याल रखें तो आप भी कम खर्च मे विदेश यात्रा कर सकते है। इस पोस्ट मे हम अपने पाठको को कम खर्च मे विदेश यात्रा कैसे करे, विदेश यात्रा के दौरान पैसे कैसे बचाए, विदेशी टूर मे आने वाला खर्च कैसे कम करे,कम खर्च मे विदेशी टूर की प्लानिंग कैसे करे, आदि विदेश यात्रा के टिप्स के बारे में बता रहे है। कम खर्च मे विदेश यात्रा घूमने के टिप्स कम खर्च मे यूरोप कैसे घूमें – कम खर्च मे विदेश यात्रा का तरीका ऐसा मानकर चलते है कि हम यूरोप घूमने की योजना बना रहे है। यही रूल अगर आप दूसरी जगह के लिए भी अपनायेगें तो यकीनन आप सस्ती यात्रा कर सकते है। यूरोप मे आप एक ऐसे देश को अपना डेस्टिनेशन प्वाइंट बनाए जो पूरे यूरोप मे सबसे सस्ता हो जैसे:- चेक- रिपब्लिक, हंगरी,पोलैंड,स्लोवाकिया और ऑस्ट्रिया यूरोप के ...

बिहार का इतिहास और उसके ऐतिहासिक तथ्य एंव समान्यज्ञान प्रशनोउत्तरी

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प्रिय पाठको अपने पिछले कई लेखो में हमने भारत के कई राज्यो जैसे– पंजाब नागालैंड मिजोरम त्रिपुरा आदि राज्यो के इतिहास, संस्कृति पहनावा, खाना,पर्यटन से संबंधित जानकारी अपने पाठको को उपलब्ध कराई थी। एक दो दिन पहले की बात है। मै सोफे पर बैठा हुआ था और चाय की चुस्की लेते हुए यही सोच रहा था की आगे क्या लिखू। किस राज्य, पर्यटन, स्थल आखिर किस विषय पर लिखना चाहिए। मैं इसी उधेडबुन में लग रहा था कि श्रीमति साहबजादे पर चिल्ला ऊठी, सारा दिन टीवी पर बैठे रहते हो। कुछ पढाई भी कर लो। परिक्षा नजदीक आ गई है। परिक्षा का नाम सुनते ही दिलने कहा क्यो परिक्षार्थीयो की जानकारी के लिए कुछ लिखा जाए। तो आज हम इस पोस्ट में बिहार राज्य की ऐतिहासिक व महत्तवपूर्ण जानकारी देगें।   बिहार की रोचक जानकारी   बिहार के एतिहासिक तथ्य व समान्यज्ञान से जूडी रोचक जानकारी।   बौद्ध विहारो के अधिक संख्या में पाये जाने के कारण इस प्रांत का नाम  “बिहार”  पडा। प्रांरभ में ब्रटिशकाल बंगाल, बिहार और उडीसा को एक साथ मिलाकर एक बडी प्रशासनिक इकाई का निर्माण किया गया था। बिहार दिसंबर 1911 तक बंगाल प्रेसी...

साबिर पाक का बचपन - साबिर पाक का वाक्या

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हजरत सय्यद मखदूम अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रहमतुल्ला अलैह इस नाम को कौन नही जानता। और जाने भी क्यो नही यह नाम अल्लाह के उस पाक वली का है जिसने गुमराहो और मुसीबत के मारो की रहनुमाई की और इस्लाम के सुखते दरख्त को फिर से हरा भरा किया है। आज भी इस्लाम के मानने वाले मुसलमानो मे इस नाम को बडे अदब के साथ लिया जाता है। जिनकी दरगाह आज भी भारत के उतराखंड राज्य के रूडकी शहर से 6 किलोमीटर दूर  कलियर शरीफ नामक स्थान पर स्थित है। जिसके बारे में हम अपनी पिछली पोस्ट कलियर शरीफ दरगाह में बता चुके है। अपने इस लेख में हम साबिर पिया का बचपन, साबीर पाक की जीवनी, साबिर पाक का वाक्या आदि के बारे में विस्तार से जानेगें।   साबिर पाक के माता-पिता   साबिर पाक के वालिद  (पिता) सय्यद खानदान से थे। जिनका नाम सय्यद अब्दुर्रहीम था। जो हजरत सय्यद अब्दुल का़दिर जिलानी के पोते थे। जिनका खानदानी सिलसिला हजरत इमाम हुसैन से मिलता है। साबिर पाक की वालिदा  (माता)  का नाम हजरत हाजरा उर्फ जमीला खातून था। जो हजरत बाबा फरीदउद्दीन गंज शक्र की बहन थी। जिनका खानदानी सिलसिला हजरत उमर फारूख से मिलता है।   साबिर पा...

कर्नाटक का इतिहास - karnataka history in hindi

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कर्नाटक का इतिहास बहुत शानदार रहा है। भारत के दक्षिणी भाग में स्थित यह राज्य कई राजवंशों के शासन में रहा है। जो इसके इतिहास को आकार देते हैं। कर्नाटक का इतिहास में विभिन्न बिंदुओं पर कई शासकों ने इस पर हमले किये है। विभिन्न शासकों और राजवंशों के प्रभाव के कारण कर्नाटक अपनी विशिष्ट संस्कृति और मूल्यों से समृद्ध हो गया था। प्राचीन काल में कर्नाटक को करुणुडू के नाम से जाना जाता था। जिसका मतलब ऊंची भूमि या उच्च पठार है। कर्नाटक का इतिहास प्राचीन दिनों में वापस देखा जा सकता है। कर्नाटक की पूर्व-ऐतिहासिक संस्कृति भारत के उत्तरी हिस्से से बहुत अलग थी। पूर्व-ऐतिहासिक काल के दौरान कर्नाटक में हाथ-कुल्हाड़ी संस्कृति प्रचलित थी। यह संस्कृति अफ्रीका की पूर्व-ऐतिहासिक संस्कृति के समान थी। 1200 ईसा से पहले भी लोहे का उपयोग कर्नाटक के निवासियों के लिए जाना जाता था। यह उस समय से बहुत पहले था। जब उत्तर भारत के निवासियों को लौहे के उपयोग के बारे में पता चला था। कर्नाटक के प्रारंभिक शासक देश के उत्तरी हिस्सों में से थे। 4 वीं और तीसरी शताब्दी के दौरान कर्नाटक के भागों पर मौर्य और उत्तर भारत के नंदा साम्र...

कर्नाटक के त्योहार - karnataka festival in hindi

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कर्नाटक फेस्टिवल और त्यौहारों की भूमि है। यहा पूरे साल कई कला और संस्कृति त्यौहार आयोजित किए जाते हैं। यह कर्नाटक के त्योहार यहा की परंपरा की एक झलक प्रस्तुत करते है। मैसूर दशहरा के आश्चर्यजनक और असाधारण से लेकर कुनुनुरा में मकर संक्रांति तक, राज्य की हर जगह का अपना त्यौहार है। जिसमे दक्षिण और पश्चिम में स्थित कई प्राचीन सभ्यताओं का इतिहास होता है।इसके साथ ही कर्नाटक एक बहुसांस्कृतिक समाज होने के नाते, यहा के लोग विभिन्न प्रकार के त्योहारों, समारोहों और फेस्टिवलो का जश्न मनाते है। कर्नाटक के त्यौहार और फेस्टिवल मजेदार, मनोरंजक और बहुत सारे नृत्यो से भरपूर होते है। जो कर्नाटक की सांकृति का एक हिस्सा होते है। कर्नाटक के त्योहार में कुछ ऐसा नहीं है जो बिल्कुल याद नहीं किया जा सकता है। क्योकि कर्नाटक के फेस्टिवल लोगो के दिलो में अपनी अमिट छाप छोड जाते है। इसलिए इन्हे भुलाया नही जा सकता है। चाहे यह कंबला बफेलो रेस हो या हम्पी फेस्टिवल के दौरान लोक नर्तकियों के मनमोहक नृत्य हो। कर्नाटक अपनी आर्थिक स्थिति से तो एक सम्पन्न राज्य है ही इसके साथ साथ यह संस्कृति परंपरा से भी समृद्ध है। कर्नाटक के...

कर्नाटक का खाना - कर्नाटक की टॉप 20 डिश

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कर्नाटक का खाना विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसका स्वाद भी लाजवाब होता है। कर्नाटक के भोजन में शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है। और इसमें विभिन्न प्रकार के व्यंजन शामिल हैं जिनमें उडुपी, मालनाडु और मंगलोरी व्यंजन शामिल हैं। रागी और चावल विशेष रूप से राज्य के दक्षिण क्षेत्र में कर्नाटक के लिए मुख्य खाद्य पदार्थ हैं जबकि तटीय क्षेत्रों के लोग मुख्य रूप से मछली करी का उपभोग करते हैं। यहा के लोग अपने भोजन में दही का प्रयोग अधिक करते है। तथा अपनी प्राचीन परंपरा के अनुसार अधिकतर लोग केले के पत्ते पर खाना परोसकर खाते है। अपने इस लेख में हम कर्नाटक का खाना, कर्नाटक का भोजन, कर्नाटक का खान पान पर विशेष जानकारी अपने पाठको के साथ साझा करेगें और कर्नाटक की टॉप 20 डिशो के बारे में विस्तार से जानेगें     कर्नाटक का खाना – कर्नाटक की टॉप 20 डिश     कर्नाटक के व्यंजनो के सुंदर दृश्य   Karnataka food in hindi   नीर डोसा नीर  “शब्द” का मतलब है तुलु भाषा में पानी। नीर डोसा एक बहुत प्रसिद्ध पकवान है जिसमें चावल डोसा होता है। डोसा बनाने के लिए, ...

कर्नाटक का पहनावा - कर्नाटक की वेशभूषा

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कर्नाटक के पारंपरिक कपड़े इस दक्षिण-भारतीय राज्य में रहने वाले लोगों की आधुनिकता और संस्कृति की सद्भाव दिखाते हैं। कर्नाटक का पहनावा बहुत ही सादा और सिम्पल है। जो भारतीय संस्कृति एक हिस्सा है। आज का समकालीन समाज कर्नाटक के निवासियों के कपड़े पहनने की ड्रेसिंग और अनूठी शैली से प्रभावित है। महिलाएं साड़ी पहनना पसंद करती हैं। अधिकांश बुजुर्ग पुरुष अपने पारंपरिक कपड़ों को जीवित रखने के लिए सख्त ड्रेस कोड का पालन करते हैं क्योंकि वे बहुत ही धार्मिक, भावनात्मक और उनकी संस्कृति से निकटता से जुड़े होते हैं। कर्नाटक का पहनावा, कर्नाटक की वेषभूषा पर आधारित अपने इस लेख में हम आगे कर्नाटक की महिला और पूरषो की वेशभूषा को अलग अलग विस्तार से जानते है।   कर्नाटक का पहनावा – कर्नाटक की वेषभूषा   Karnataka dresses in hindi   कर्नाटक में महिलाओं की पोशाक कर्नाटक में महिलाओं के लिए पारंपरिक कपड़े साड़ी हैं। यह रेशम से बना है। और रेशम साड़ी न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे देश में प्रसिद्ध हैं। यहां तक ​​कि कर्नाटक को भारत के रेशम केंद्र के रूप में भी जाना जाता है। सुंदर कपड़े से चुनने और डिजा...

ओडिशा के त्योहार - ओडिशा के टॉप 10 फेस्टिवल

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हमारे प्रिय भारत के हर हिस्से में आपको उत्सव और त्योहारो की भरमार मिलेगी। ओडिशा के त्योहार जीवंत संस्कृति, समृद्ध रीति-रिवाज, उत्सव की भावना, उत्तम भोजन से भरी प्लेट, नृत्य, रंगो से सर्बोर आखिरकार, यह सब भारत के त्योहारो का ही हिस्सा है जिसके लिए भारत जाना जाता है। ओडिशा भारत का एक ऐसा हिस्सा जहां त्यौहार लोगों के खुशहाल जीवन विभिन्न अंग है। ओडिशा में विभिन्न धर्मों और जनजातियों की भूमि होने के नाते, यहा आपको पूरे साल लोगों द्वारा मनाए जाने वाले कई त्यौहार मिलेंगे। उड़ीसा के त्योहार वैसे तो सभी मजेदार होते है। किन्तु हम आपको अपने इस लेख में ओडिशा के त्योहार, ओडिशा के उत्सव, ओडिशा के मेले, ओडिशा के महोत्सव और ओडिशा के  “टॉप10” फेस्टिवल के बारे में विस्तार से बताएगें।   ओडिशा के त्योहार   ओडिशा के टॉप 10 फेस्टिवल       ओडिशा के त्योहारो के सुंदर दृश्य         Odisha festivals information in hindi   दुर्गा पुजा ओडिशा के त्योहार में दुर्गा पूजा उड़ीसा का सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है। जो उडीसा के पूरे राज्य में शानदार रूप से मनाया ...