Punjab tourist place पंजाब के दर्शनीय स्थल
पंजाब भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग मे स्थित है। पंजाब शब्द पारसी भाषा के दो शब्दो “पंज” और “आब” से बना है। पंज का तात्पर्य पाँच और आब का तात्पर्य पानी अथार्त नदियां। यानि पाँच नदियाँ- रावी, झेलम, सतलुज, व्यास और चेनाब के मध्य बसा पंजाब प्रांत अत्यंत ही हरा-भरा और ऊपजाऊ क्षेत्र है। (punjab tourist place) पंजाब राज्य का निर्माण 1947 मे भारत और पाकिस्तान के विभाजन के पश्चात हुआ। पुराने राज्य को पंजाब और हरियाणा के रूप में विभाजन के पश्चात 1 नवम्बर 1966 को पंजाब राज्य का गठन हुआ। उत्तर पश्चिमी दिशा मे स्थित होने के कारण बाहरी राजाओ- पारसी, मौर्य, पार्थियन, कुषाणो और मुगलो के आक्रमणो का डटकर मुकाबला करता आया है। गुरूनानक जी पहले गुरू थे जिन्हौने सिक्ख धर्म की स्थापना शांति, भाई-चारा,सदभावना और सहनशीलता के उद्देश्य से कि तथा नौ गुरूओ ने इसका पालन किया। पटियाला के महाराजा रणजीत सिंह जी का पंजाब के लिए अति विशिषट योगदान रहा है। पंजाब सदैव से ही पर्यटको को अपने विभिन्न सिक्ख तीर्थ स्थलो ( गुरूद्धारे) विशाल किलो, ऐतिहासिक भवनो, त्यौहारो, भंगडा नृत्य, विशिष्ट भोजन और अतिथि सत्कार मे दक्ष विचारो...