अलफ्रेड वेब का जीवन परिचय हिन्दी में
पार्लियामेंट के जिन अंग्रेज सदस्यों ने भारत के शासन सुधार आन्दोलन में भाग लिया, उनमें अलफ्रेड वेब का भी एक स्थान है। अलफ्रेड वेब आयरलैंड के निवासी थे। आयरलैंड पर भी भारत की तरह इंग्लैंड का शासन था और आयरलैंड सदियों से उसके शासन से मुक्त होने के लिए जी तोड़ परिश्रम कर रहा था। इस दृष्टि से भारत और आयरलेंण्ड की समस्याएं एक थी। इसलिए स्वभावतः अलफ्रेड भारत की स्वाधीनता और उन्नति के मामलों में रुचि रखते थे।
अलफ्रेड वेब का जीवन परिचय हिन्दी में
कांग्रेस के प्रारम्भिक काल में दादाभाई नौरोजी आदि नेताओं का यह विश्वास था कि ब्रिटिश जनता और ब्रिटिश सरकार की न्याय-बुद्धि को अपील करने से भारत का कल्याण हो सकता है। इसलिए उन दिनों अधिकतर आन्दोलन इंग्लैंड में होता था, पार्लियामेंट के सदस्यों को भारतीय पक्ष का समर्थन करने के लिए प्रेरित किया जाता और उनकी सहानुभूति प्राप्त करने की कोशिश की जाती थी। अलफ्रेड वेब भी भारतीय मामलों में दिलचस्पी लेते थे, इसलिए सन् 1894 में अलफ्रेड वेब को कांग्रेस का सभापतित्व करने के लिए निमन्त्रित किया गया।
इसके बाद आयरिश मामलों में ही ज्यादा उलझे रहने से आप भारतीय मामलों में सक्रिय दिलचस्पी न ले सके, फिर भी यथा सम्भव सहयोग देते रहे। सबसे पहली आल इण्डिया कांग्रेस कमिटी सन् 1900 में बनी थी, उसके आप सदस्य थे। लंदन की कांग्रेस शाखा में भी आप अपनी आयु के अन्तिम दिन तक दिलचस्पी लेते रहे थे। सन् 1908 में अलफ्रेड का देहावसान हुआ।

अलफ्रेड के जीवन के सम्बन्ध में बहुत प्रयत्न करने पर भी कुछ पता नहीं लगाया जा सका कांग्रेस के सम्बन्ध में उपलब्ध साहित्य में कहीं आपका उल्लेख नहीं मिलता है। आज से 50 साल पहले लिखी गई पुस्तकों में भी अलफ्रेड वेब का कुछ परिचय नहीं मिला। सम्भवतः इसी से डा० पट्टाभि सीतारामैया भी कांग्रेस के इतिहास में कहीं एक बार भी आपका उल्लेख नहीं कर सके हैं। यह तो मानना ही होगा कि आप सच्चे भारत-हितैषी थे। भारत के अभ्युदय की कामना ओर भावना आपके हृदय में पूरी तरह समाई हुई थी।
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