जीजाबाई की जीवनी - जीजाबाई बायोग्राफी इन हिन्दी
अंग्रेजों के अत्याचार से सारा देश आक्रांत था । अन्याय और अधर्म की काली छाया समाज की पवित्रता को ढक चुकी थी। यह देखकर जीजाबाई का हृदय रो उठता था । उन्होंने अनुभव किया कि जब तक स्वराज्य स्थापित नहीं होगा , ये काले चित्र बनते ही रहेगे । उन्होंने स्वराज्य की स्थापना के लिए महाराष्ट्र की जनता का आह्ववान किया। उनके आह्लवान का ही परिणाम था कि महाराष्ट्र की धरती दासता से मुक्त हुई और उनके वीर पुत्र शिवजी स्वराज्य को स्थापित करने में सफल हो सके। जीजाबाई महान देशभक्त थीं। जीजाबाई की वीरता की गाथा देश और देश की संस्कृति के लिय उनके हृदय में अखंड प्रेम था। यद्यपि उन्होंने स्वराज्य को स्थापित करने के लिए शस्त्र धारण नहीं किए थे, परंतु वीर शिवाजी को वीरता का संस्कार देने का श्रेय उन्हें ही है। जो मुगल सम्राट औरंगजेब से लोहा लेकर महाराष्ट्र को स्वतंत्र करने मे सफल हुए थे। शिवाजी को शिवाजी बनाने वाली जीजाबाई ही थी। उन्हीं की प्रेरणा से उन्होंने स्वराज के लिए प्रयत्न किए, संकटो की खाइयां पार की और महाराष्ट्र किया जनता को उनके जन्मजात अधिकार दिलाने मे सफलता पाई। जीज...