मानेसर झील ऐसा लगता है पानी कम मछलियां ज्यादा

मानेसर लेक या सरोवर

मई जून में पडती भीषण गर्मी चिलचिलाती धूप से अगर किसी चीज से सकून व राहत मिल सकती है तो वो है पानी और वृक्षो की छाया। जी हाँ प्राकृति की कुदरती व अनमोल देन अगर हमें एक साथ व एक स्थान पर मिल जायें तो फिर क्या कहने। अगर आप जम्मू या उसके आसपास किसी ऐसी ही जगह की तलाश कर रहे है जहाँ पानी और वृक्षो की घनी छाया के साथ साथ पिकनिक स्पॉट, टूरिस्ट पैलेस, धार्मिक स्थल के दर्शन, सैरसपाटा,विभिन्न प्रकार के जीव जन्तु देखने, बोटिंग,तथा सुंदर दृश्यों का आनन्द उठा सके तो वो है। मानेसर सरोवर या मानेसर झील। मानेसर झील जम्मू के सबसे पॉपुलर पिकनिक स्पॉट में एक है जो इसे एक टूरिस्ट पैलेस भी बनाता है। जम्मू कश्मीर टूर या वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा पर आने वाले अधिकतर सैलानी इस झील का आनन्द लेने यहाँ जरूर पहुचते है।

मानेसर झील के सुंदर दृश्य
मानेसर झील के सुंदर दृश्य

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मानेसर झील

यह प्रसिद्ध झील जम्मू से लगभग 62 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। (मानेसर झील) चारों ओर से पहाडियो से घिरी हुई है। जो इस भीषण गर्मी में आपको एक सुखद आनन्द प्रदान करेगा। इस झील की स्थापिता को लेकर कई पौराणिक कथाएँ प्रचलित है। ऐसा भी माना जाता है की इस झील की स्थापना अर्जुन द्वारा चलायें गए बाण से हुई है। एक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि यदि नवविवाहित युगल मानेसर झील की तीन परिक्रमा करें तो यह उनके वैवाहिक जीवन के लिए शुभ व लाभदायक माना जाता है। झील के पूर्वी तट पर एक प्रसिद्ध शेषनाग को समर्पित मंदिर भी है। जिसकी बनावट छ: फन वाले शेषनाग जैसी है। जो इस झील का धार्मिक महत्व बढाते है। और काफी संख्या में श्रृद्धालु यहाँ आते है। जम्मू कश्मीर पर्यटन द्वारा यहाँ नौकायन की व्यवस्था भी की गई है। जिसमें बैठकर आप मीलों की दूरी में फैली इस सुंदर झील की सैर का आनन्द उठा सकते है। तथा झील के पानी में तैरती विभिन्न प्रकार की मछलियों को चारा भी खिला सकते है।

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झील में मछलियों की संख्या को देखकर ऐसा लगता है की झील के अन्दर पानी कम और मछलियां ज्यादा है। इसके अलावा आपको यहाँ विभिन्न प्रकार के जलय व वन्य जीवजन्तु भी देखने को मिल सकते है। जिनमें से कुछ वाइल्ड लाइफ सेंचूरी द्वारा उपलब्ध कराये गये है।

अगर आप मानेसर झील का वीडियो और उसके अंदर मछलियो की संख्या देखना चाहते है तो नीचे वीडियो में आप झील के सुंदर दृश्यो के साथ साथ झील के पानी में असंख्य मछलियो को वीडियो के माध्यम से भी देख सकते है

मानेसर झील के किनारों पर कई और भी मंदिर बने है उन्हें भी देखा जा सकता है।इन मंदिरों में उमापति महादेव और नरसिम्हा मंदिर खास है। यहाँ पर आपको लोकल संस्कृति से रूबरू होने का भी लाभ उठा सकते है। इस इलाके में गुजर्र और बकरवाल समुदाय के लोग रहते है। जिनका अपना एक अलग रहन सहन के तौर तरीके है। इन जनजातियों में देखने लायक यहाँ की महिलाओं के पारंपरिक परिधान व आभूषण है। जो इनकी जीवनशैली को अलग बनाते है।

 

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